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VERDANT PASHU GYANADVISORY 01 · MONSOON

मानसून में पशु स्वास्थ्य सुरक्षा

MONSOON HERD HEALTH PROTOCOL

बारिश के चार महीने पशुपालक के लिए सबसे जोखिम भरे होते हैं। इसी दौरान बीमारी, परजीवी और दूध में गिरावट सबसे ज़्यादा होती है। सही समय पर उठाया गया कदम पूरे साल की कमाई बचाता है।

Visual Advisory Poster

अडवाइजरी इंफोग्राफिक पोस्टर (Infographic Sheets)

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Monsoon Advisory Sheet 1
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Monsoon Advisory Sheet 2
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SECTION 1

बीमारी का जोखिम — महीने के हिसाब से RISK CALENDAR

जून · JUN01

तैयारी — कृमिनाशक व टीकाकरण पूरा करें

जुलाई · JUL02

कीचड़, मक्खी, किलनी — खुरपका व थनैला का खतरा (मानसून के अंत में)

अगस्त · AUG03

सर्वाधिक जोखिम — गलघोंटू, लंगड़ा बुखार, लंपी

सितंबर · SEP04

दोबारा कृमिनाशक — परजीवी भार चरम पर

जोखिम बढ़ने से पहले काम करें। बीमारी दिखने के बाद इलाज महँगा पड़ता है।
SECTION 2

1. मानसून की पाँच ज़रूरी क्रियाएँ THE FIVE MONSOON ACTIONS

कृमिनाशक दवाDEWORMING
⏱️ कब: बारिश शुरू होने से पहले, और मानसून के अंत में

💡 दवा का समूह हर बार बदलें, वरना कीड़ों में प्रतिरोध बन जाता है। मात्रा पशु के वज़न पर तय होती है — पशु चिकित्सक से पूछें।

टीकाकरणVACCINATION
⏱️ कब: मानसून से पहले (मई–जून) पूरा करें

💡 गलघोंटू (HS) और लंगड़ा बुखार (BQ) बारिश से पहले। खुरपका–मुँहपका (FMD) सरकारी अभियान के अनुसार।

सूखा व ऊँचा बाड़ाDRY, RAISED SHELTER
⏱️ कब: बारिश भर, रोज़ जाँचें

💡 पानी न भरे, निकासी बनाएँ। गीली ज़मीन से खुर सड़न और थनैला होता है। बिछावन रोज़ बदलें।

चारा व पानीFEED & WATER
⏱️ कब: हर दिन

💡 फफूँद लगा या भीगा चारा कभी न दें। हरा चारा ज़्यादा नरम हो तो सूखे चारे के साथ मिलाएँ — अफारा से बचाव। पानी साफ़ और ताज़ा।

किलनी व मक्खी नियंत्रणTICK & FLY CONTROL
⏱️ कब: जुलाई–सितंबर

💡 किलनी और मक्खी लंपी व अन्य रोग फैलाती हैं। बाड़े की सफ़ाई, गोबर का समय पर निपटान, चिकित्सक की सलाह से बाहरी परजीवीनाशक।

EMERGENCY ALERT PROTOCOL

2. ये लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सक बुलाएँ CALL THE VET THE SAME DAY

⚠️

तेज़ बुखार, नाक बहना

गलघोंटू का शुरुआती संकेत

⚠️

अचानक लंगड़ाना, पैर में सूजन

लंगड़ा बुखार या खुर सड़न

⚠️

खाल पर गाँठें

लंपी त्वचा रोग

⚠️

थन में सूजन, दूध में फटकन

थनैला — दूध अलग रखें

⚠️

पतला या खून वाला गोबर

परजीवी या संक्रमण

⚠️

चारा छोड़ना, दूध गिरना

पहली चेतावनी — अनदेखी न करें

SECTION 4

3. करें और न करें DO AND DON'T

करें DO

  • ✓बीमार पशु को बाकी झुंड से तुरंत अलग करें
  • ✓दवा और टीके की तारीख़ रजिस्टर में लिखें
  • ✓दूध निकालने से पहले हाथ और थन साफ़ करें
  • ✓खनिज मिश्रण नियमित दें
  • ✓बछड़ों पर अलग ध्यान — जोखिम सबसे ज़्यादा उन्हीं को

न करें DON'T

  • ✕अंदाज़े से दवा की मात्रा न दें — कम मात्रा प्रतिरोध बनाती है
  • ✕दवा देने के बाद दूध निकासी अवधि की अनदेखी न करें
  • ✕गर्भवती पशु को बिना सलाह कृमिनाशक न दें
  • ✕भीगा, फफूँद लगा चारा न खिलाएँ
  • ✕बीमारी बढ़ने का इंतज़ार न करें
याद रखें · REMEMBER

“बारिश से पहले किया गया एक टीका, बारिश के बाद के दस इलाज से सस्ता है।”

पशु चिकित्सक से सलाह लेकर ही दवा दें

VERDANT IMPACT PRIVATE LIMITED

स्वदेशी नस्ल, पशु स्वास्थ्य और वैज्ञानिक पशुपालन के साथ छोटे पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए कार्यरत। अपने क्षेत्र के Verdant फील्ड अधिकारी से संपर्क करें।

Contact Field Officer

यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है और पशु चिकित्सक की सलाह का विकल्प नहीं है। दवा का चयन, मात्रा और दूध निकासी अवधि हमेशा योग्य पशु चिकित्सक से तय कराएँ।

This advisory is general guidance and does not replace veterinary consultation.

Verdant Pashu Gyan · Advisory 01 · Monsoon Herd Health

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